ईश्वर के समक्ष केवल प्रार्थना ही ना करे बल्कि ध्यान भी लगाए। प्रार्थना में हम ईश्वर से बात करते हैं जबकि ध्यान में ईश्वर हमसे बात करते हैं।
कभी भी किसी को भला बुरा कहने से पहले यह अवश्य सोच ले कि यदि वही शब्द कोई आपसे कहे तो आपको कैसा प्रतीत होगा
समय का उत्तम उपयोग करना सीखें क्योंकि विश्व के ज्यादातर सफल मनुष्यों ने इसी का प्रयोग किया है
डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है।
न कोई कठिनाई न कोई तकलीफ, तो क्या मज़ा है जीने में,
बड़े बड़े तूफान थम जाते है, जब आग लगी हो सीने में।
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